अग्नि-5 की नकल करने में असफल हो रहा पाकिस्तान...अबाबील मिसाइल परीक्षण हुआ फेल
कराची । पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी अबाबील मिसाइल का परीक्षण किया, जो कि फिर विफल रहा। यह मिसाइल भारत की अग्नि-5 की नकल बनाने की उसकी कोशिश का हिस्सा है, जिसमें आंतकी मुल्क लगातार असफल हो रहा है।
दरअसल अबाबील एक तीन चरणों वाली, ठोस ईंधन से चलने वाली मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (एमआरबीएम) है, जिसकी अनुमानित रेंज 2,000 किलोमीटर है। इस मिसाइल को पहली बार जनवरी 2017 में टेस्ट किया गया था। पाकिस्तान इस मिसाइल को अपने जंगी बेड़े में शामिल करना चाहता है क्योंकि इसमें एमआईआरवी (मल्टीपल इंडिपेंडेंट री-एंट्री) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक एक ही मिसाइल से दुश्मन के कई ठिकानों को एक साथ तबाह करने की क्षमता रखती है। हालांकि, पाकिस्तान का यह सपना बार-बार टूट रहा है, क्योंकि अक्टूबर 2023 के बाद हालिया टेस्ट भी नाकाम साबित हुआ है।
बात दें कि पाकिस्तान के अबाबील मिसाइल परीक्षणों में बार-बार विफलता के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण पाकिस्तान के पास इंजीनियरिंग में काफी समस्याएं हैं। प्रणालीगत मुद्दों के साथ-साथ पर्याप्त परीक्षण ढांचे का अभाव भी एक बड़ी वजह है। इतना ही नहीं पाकिस्तान अपनी मिसाइल तकनीक के लिए काफी हद तक चीन जैसी विदेशी तकनीकों पर निर्भर है। संसाधनों की कमी भी इस इस मामले में कमजोर बनाती है।
इसके विपरीत, भारत के पास डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) जैसी संस्थाओं और रक्षा कंपनियों के रूप में अपना मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो उसे आत्मनिर्भर बनाता है। ग्लोबल फायरपॉवर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास 172 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं। भारत के पास अग्नि-5 जैसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) हैं, जिनकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है और इस 8,000 से 10,000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। भारत ने चीन की चुनौती को ये देखकर आईसीबीएम मिसाइलें विकसित की हैं। पाकिस्तान के पास अभी ऐसी कोई आईसीबीएम मिसाइल नहीं है। उसकी पूरी सैन्य तैयारी भारत के खिलाफ है, और उसने अपनी क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से शाहीन सीरीज की मिसाइलें बनाई हैं, जो छोटी, मध्यम और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम हैं। हालांकि, उसके पास अभी कोई मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल भी नहीं है, और वह अबाबील जैसी मिसाइलों का परीक्षण करना चाहता है।

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