पुलिया निर्माण कार्य को बाधित करने की नक्सलियों की कोशिश नाकाम
सुकमा। जिले के अंदरूनी इलाके में एक बार फिर नक्सली गतिविधि की खबर सामने आई है. गादीरास थाना क्षेत्र के गोंदपल्ली पंचायत अंतर्गत माटेमपारा और मुसलपारा के बीच बन रही पुलिया के निर्माण स्थल पर ग्रामीण वेशभूषा में पहुंचे नक्सलियों ने पोकलेन मशीन को ढोने वाली शिफ्टर ट्रक सीजी 13 एलए 92955 में आग लगाने का प्रयास किया. हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों की तत्परता से आग को तुरंत बुझा दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया. जानकारी के अनुसार गोंदपल्ली पंचायत के माटेमपारा और मुसलपारा के बीच पुलिया निर्माण का कार्य चल रहा है. इसी दौरान कुछ लोग ग्रामीण वेशभूषा में निर्माण स्थल पर पहुंचे. कर्मचारियों को पहले वे सामान्य ग्रामीण लगे, लेकिन बाद में उनके नक्सली होने की आशंका जताई गई. नक्सलियों ने मौके पर खड़ी पोकलेन मशीन को ले जाने वाली शिफ्टर ट्रक को निशाना बनाया और उसमें आग लगाने की कोशिश की. आग लगाने के बाद वे मौके से फरार हो गए।
कर्मचारियों की तत्परता से बुझाई आग
घटना के समय निर्माण कंपनी के कर्मचारी वहां मौजूद थे. उन्होंने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया. आगजनी की कोशिश में शिफ्टर ट्रक को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ. ट्रक के हेड के पीछे लगे कुछ वायर जल गए, लेकिन वाहन पूरी तरह सुरक्षित बच गया। घटना के बाद शिफ्टर ट्रक को दूसरे वाहन की मदद से टोचन कर बड़ेसट्टी कैंप के पास सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
नक्सलवाद खत्म होने के दावों के बीच घटना
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह दावा कर रही हैं कि बस्तर संभाग में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है और इसके पूरी तरह खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. बताया जा रहा है कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय समयसीमा में अब 20 दिन से भी कम समय बचा है. ऐसे में इस तरह की आगजनी की कोशिश ने सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने घटना से किया इंकार
इधर पुलिस अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है. पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में आगजनी जैसी कोई घटना नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है. बता दें कि बस्तर के कई इलाकों में नक्सली पहले भी सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों का विरोध करते रहे हैं. अक्सर निर्माण कार्यों में लगे वाहनों और मशीनों को निशाना बनाया जाता रहा है. ऐसे में गोंदपल्ली पंचायत में सामने आई यह घटना एक बार फिर विकास कार्यों के सामने सुरक्षा चुनौती को उजागर करती है।

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