सरकारी ज़मीन खाली कराने पहुंचा प्रशासन, गरमाया माहौल
अंबेडकरनगर के जलालपुर के वाजिदपुर में तमसा नदी पुल के पास कमलेश वर्मा निवासी घसियारी टोला ने गाटा संख्या 600 पर करीब छह माह पहले निर्माण शुरू कराया था। बसखारी जलालपुर मुख्य मार्ग के किनारे करीब पांच हजार स्क्वॉयर फिट पर कांप्लेक्स का निर्माण करा रहे थे। बेसमेंट पर सड़क के बराबर ऊंचाई तक निर्माण करा लिया था जबकि बैनामा कम का हुआ था और जिस जमीन को खरीदा था, उससे हटकर दूसरे की जमीन पर निर्माण करा रहे थे।
नगर पालिका ने पूर्व में इनका नक्शा अस्वीकृत कर दिया था और अतिक्रमण हटाने के लिए दो नोटिसें जारी की गई थीं। इसके बाद बीते दिनों डीएम अनुपम शुक्ला के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की जमीन से कब्जा हटवाने के लिए चिह्नांकन कराया गया था। तय समय पर भी कब्जा नहीं हटा तो मंगलवार को प्रशासनिक अमला मय दो जेसीबी मौके पर पहुंच गया। कमलेश वर्मा, उनके परिवार के सदस्यों के अलावा भाजपा नेताओं ने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। इनका कहना था कि सिर्फ यही नहीं पूरे जलालपुर से अतिक्रमण हटवाया जाए। मौके पर मौजूद पुलिस ने विरोध करने पहुंचे लोगों को पकड़कर वहां से हटवा दिया। इसके बाद कई महिलाएं भी विरोध करने गईं, लेकिन उन्हें भी हटा दिया गया।
टीम ने पीडब्ल्यूडी की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान एसडीएम राहुल कुमार, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह तहसीलदार गरिमा भार्गव, अतिक्रमण अधिकारी रमकांत चौबे, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं।
ये था पूरा प्रकरण
गाटा संख्या 600 और 602 के खातेदारों ने पूर्व में डीएम से शिकायत की थी। इनकी मांग थी कि सड़क की जमीन को चिह्नित कर उनकी जमीनों को अलग किया जाए। इसके बाद तहसीलदार की अगुआई में जमालपुर से वाजिदपुर सीमा तक नापजोख हुई थी। इसमें पाया गया था कि नवी अहमद और कमलेश पटेल ने सड़क की जमीन पर कब्जा कर रखा है। कमलेश पटेल अपने अंश से अधिक दूसरे गाटे में निर्माण करा रहे हैं। नगर पालिका की जमीन पर भी कब्जा किया गया है।

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