भोपाल: देशभर में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है, क्योंकि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। इस नए बदलाव के तहत पेट्रोल के दामों में 90 पैसे से लेकर 1 रुपये 16 पैसे तक, जबकि डीजल की कीमतों में 1 रुपये 65 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले महज 5 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। इससे पहले बीते 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

भोपाल और इंदौर में पेट्रोल का आंकड़ा 110 के पार

इस ताजा बढ़ोतरी के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई हैं। भोपाल में जो पेट्रोल पहले 109 रुपये 91 पैसे में मिल रहा था, वह अब बढ़कर 110 रुपये 75 पैसे हो गया है, जबकि डीजल भी 95.08 रुपये से चढ़कर 95.91 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। ठीक इसी तरह इंदौर में भी पेट्रोल का दाम 110 रुपये 10 पैसे से बढ़कर 110 रुपये 79 पैसे और डीजल 95.28 रुपये से बढ़कर 95.97 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन के नए दाम

इस मूल्य वृद्धि के बाद प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी कीमतें आसमान छू रही हैं। जबलपुर में अब पेट्रोल 110 रुपये 79 पैसे और डीजल 95 रुपये 98 पैसे में बिक रहा है। ग्वालियर की बात करें तो वहां पेट्रोल की नई कीमत 110 रुपये 69 पैसे और डीजल की 95 रुपये 86 पैसे हो गई है। वहीं, धार्मिक नगरी उज्जैन में ईंधन के दाम सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां पेट्रोल छलांग लगाकर 111 रुपये 27 पैसे प्रति लीटर और डीजल 96 रुपये 40 पैसे प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

बढ़ी कीमतों पर भोपाल की जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

आज यानी 19 मई से लागू हुईं इन नई कीमतों को लेकर जब राजधानी भोपाल में आम जनता से उनकी राय जानी गई, तो बेहद दिलचस्प और मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ नागरिकों का मानना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ना एक अंतरराष्ट्रीय विषय है और वैश्विक हालातों को देखते हुए भारत में एक-दो रुपये की बढ़ोतरी कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। वहीं पेट्रोल पंप पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ईंधन बचाने के लिए पहले से ही साइकिल का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। लोगों का यह भी कहना है कि पड़ोसी मुल्कों की बदहाली की तुलना में भारत की आर्थिक स्थिति अब भी काफी बेहतर है।

मालभाड़ा बढ़ने से चौतरफा चौंकानी वाली महंगाई की आशंका

महज पांच दिनों के अंतराल में पेट्रोल-डीजल पर लगी इस दोहरी मार के कारण आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईंधन महंगा होने का सबसे पहला और सीधा असर माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) पर पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ते ही मंडियों में आने वाली हरी सब्जियों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल के हर छोटे-बड़े सामान महंगे होने लगते हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट महंगा होने से बाजार का पूरा गणित और मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से डगमगाने लगा है।