न कॉल, न OTP… फिर भी पटवारी के खाते से गायब हुए 2.93 लाख
सावधान! बिना OTP और कॉल के पटवारी के खाते से उड़े 2.93 लाख, रतलाम में ठगी का नया तरीका आया सामने
रतलाम: डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया है जिसने सुरक्षा के तमाम दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रतलाम में एक पटवारी के साथ हुई लाखों की धोखाधड़ी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। आमतौर पर माना जाता है कि बिना ओटीपी (OTP) साझा किए खाता सुरक्षित है, लेकिन इस मामले में बिना किसी फोन कॉल या लिंक पर क्लिक किए ही बैंक खाते से करीब 2.93 लाख रुपये पार कर दिए गए।
3 दिनों तक होती रही ट्रांजेक्शन, भनक तक नहीं लगी
राजस्व विभाग में कार्यरत अशोक कुमार योगी (निवासी काटजू नगर) ने हाल ही में अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए जीपीएफ खाते से 5 लाख रुपये निकालकर अपने एसबीआई बैंक खाते में रखे थे। साइबर ठगों की नजर इसी बड़ी रकम पर थी।
-
27 अप्रैल: खाते से पहली बार 98 हजार रुपये निकाले गए।
-
28 अप्रैल: ठगों ने 97 हजार 1 रुपये ट्रांसफर किए।
-
29 अप्रैल: तीसरी बार फिर 98 हजार रुपये गायब हुए।
-
खुलासा: जब पीड़ित ने 30 अप्रैल को अपना बैलेंस चेक किया, तब उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर इसकी शिकायत की।
बिना ओटीपी के कैसे हुई यह सेंधमारी?
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ठग अब केवल ओटीपी के भरोसे नहीं रहते। इस मामले में 'रिमोट एक्सेस' या 'मोबाइल हैकिंग' की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
-
रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर: कई बार अनजाने में किसी विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करने से फोन में ऐसा मालवेयर (वायरस) आ जाता है, जिससे ठग आपके मोबाइल की स्क्रीन को कहीं दूर बैठकर देख सकते हैं।
-
डेटा चोरी: ठग मोबाइल की बैंकिंग गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लेते हैं। जब उन्हें यूपीआई पिन या पासवर्ड मिल जाता है, तब वे बिना किसी शोर-शराबे के पैसे निकाल लेते हैं।
ठगों के 5 नए हथियार: जिनसे बचना जरूरी है
साइबर सेल ने चेतावनी दी है कि अपराधी अब इन तरीकों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं:
-
सिम स्वैपिंग: आपके नंबर का फर्जी डुप्लीकेट सिम चालू करवाकर ओटीपी अपने पास मंगा लेना।
-
रिमोट एक्सेस ऐप्स: स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के जरिए फोन का पूरा कंट्रोल हासिल करना।
-
मोबाइल मालवेयर: फर्जी वेबसाइट के जरिए फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना।
-
डेटा लीक: इंटरनेट बैंकिंग का यूजरनेम या पासवर्ड किसी लीक हुई वेबसाइट से हासिल करना।
-
कार्ड क्लोनिंग: एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी चुराकर उसका क्लोन तैयार करना।
प्रशासन की अपील: पुलिस और साइबर सेल अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अपने मोबाइल में किसी भी अनजान ऐप को जगह न दें और समय-समय पर अपने बैंकिंग पासवर्ड बदलते रहें। रतलाम की इस घटना ने साफ कर दिया है कि अब केवल ओटीपी न बताना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

मौसम की मार से हड़कंप, पूर्वांचल में 50 से ज्यादा लोग घायल
दूध पर महंगाई की मार: दिल्ली-NCR में अमूल-मदर डेयरी के रेट बढ़े
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल, काफिले में बड़ी कटौती
CM शुभेंदु का बड़ा फैसला: खुले में पशु वध पर बैन, प्रशासन को सख्त निर्देश
टाइम बताने के बहाने महिला को बस में खींचा, फिर किया सामूहिक दुष्कर्म