ममता बनर्जी ने बदली प्रोफाइल, लेकिन नहीं हटाया CM टैग; राजनीतिक हलकों में हलचल
कोलकाता | पश्चिम बंगाल की सत्ता संरचना में आमूलचूल परिवर्तन के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सोशल मीडिया हैंडल चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। राज्य में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बावजूद, ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से 'मुख्यमंत्री' का परिचय नहीं हटाया है। फेसबुक और एक्स (X) पर वे अब भी खुद को 'पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री' के रूप में ही प्रदर्शित कर रही हैं, जबकि आधिकारिक रूप से वह अब पूर्व मुख्यमंत्री की श्रेणी में आती हैं।
डिजिटल प्रोफाइल में आंशिक सुधार पर पद का मोह
ममता बनर्जी ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की जानकारी (Bio) में हाल ही में कुछ संशोधन किए हैं। उन्होंने अपनी पहचान के साथ '15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा' के कार्यकाल का उल्लेख तो जोड़ दिया है, लेकिन 'मुख्यमंत्री' का शीर्षक अब भी यथावत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणामों को स्वीकार न करने और पद छोड़ने की अनिच्छा की झलक अब उनके इन सोशल मीडिया खातों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
विधानसभा भंग और संवैधानिक स्थिति
हाल ही में राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए 17वीं विधानसभा को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया था। इस विधानसभा का संवैधानिक कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो गया था। इसके साथ ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार का कानूनी अस्तित्व भी समाप्त हो गया, जिसके बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ। सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव के बावजूद डिजिटल मंचों पर पुरानी जानकारी बरकरार है।
'दीदी' की पराजय और तीखी प्रतिक्रिया
वर्ष 2011 से लगातार 15 वर्षों तक शासन करने वाली ममता बनर्जी के लिए 2026 के चुनाव परिणाम किसी झटके से कम नहीं रहे। 293 सीटों वाली विधानसभा में टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। ममता बनर्जी को स्वयं उनके गढ़ भवानीपुर सीट से शिकस्त झेलनी पड़ी। अपनी हार के लिए उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। अब जबकि शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश की बागडोर संभाल ली है, ममता बनर्जी का यह 'सोशल मीडिया स्टेटस' चर्चा का विषय बना हुआ है।

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