अधिकारी लक्ष्य निर्धारित कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं समाधान योजना का लाभ
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाएं तथा हर गांव और गली, मोहल्ले तक योजना का प्रचार-प्रसार करें। तोमर ने रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रदेश में विद्युत वितरण की व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना तथा वास्तविक खपत का किफायती दरों पर भुगतान प्राप्त करना ही बिजली कंपनी का मुख्य कार्य है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस राज्य है। साथ ही सरकार अब सौर ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि समाधान योजना की सफलता के लिए राज्य के हर संभाग, जिला स्तर के अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें। लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें समाधान योजना के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना होगा।
मंत्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना के प्रथम चरण की अब तक की प्रगति संतोषजनक नहीं है। योजना का प्रथम चरण समाप्त होने में लगभग एक सप्ताह का समय शेष है। इस अवधि में जमीनी स्तर पर योजना का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि दो लाख से अधिक बकाया राशि वाले पात्र उपभोक्ताओं से अधिकारी सीधे सम्पर्क करें। तोमर ने मुख्य अभियंता एवं मुख्य महाप्रबंधक स्तर पर प्रतिदिन समाधान योजना की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि 'समाधान योजना' का पहला चरण 31 दिसंबर तक है। इसका दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसमें घरेलू, गैर-घरेलू और कृषक उपभोक्ताओं के साथ उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जिनके बिजली कनेक्शन कट गए हैं, ताकि वे बकाया चुकाकर फिर से सम्मानजनक उपभोक्ता बन सकें।
बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले एवं बिजली कम्पनियों के एमडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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