मौसम विभाग का चेतावनी: अब उत्तर पश्चिम नहीं, पूर्वी हवाओं का दिखेगा असर
कानपुर | मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इटावा सबसे ठंडा जिला रहा। यहां का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम दर्ज किया गया। कानपुर नगर का तापमान 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एस. एन. सुनील पांडे के अनुसार नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह से मौसम में बदलाव आएगा। इसके बाद रात के साथ दिन में भी ठंड बढ़ेगी। कानपुर मंडल के जिलों में तापमान एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। जो 12 डिग्री तक जा सकता है। इस हफ्ते अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
कैसा रहेगा कानपुर का मौसम?
सीएसए मौसम विभाग के अनुसार कानपुर में बुधवार 19 नवंबर का तापमान 15 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान में हल्के-फुल्के बादल छाए रहेंगे। लेकिन धूप भी निकल सकती है। 20 नवंबर गुरुवार का तापमान 16 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान में हल्के-फुल्के बादल रहेंगे। दिन में तेज धूप निकल सकती है। शुक्रवार 21 नवंबर को भी यही स्थिति बनी रहेगी।
कैसा रहेगा इटावा का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार इटावा में बुधवार 19 नवंबर का तापमान 11 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस हफ्ते न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम 27 डिग्री तक पहुंच सकता है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान लगभग साफ रहेगा। कभी-कभी हल्के-फुल्के बादल आ सकते हैं।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
कानपुर मंडल के जिले फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा का तापमान लगभग एक समान रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली हवाओं का असर गंगा के मैदानी भागों पर दिखाई पड़ेगा। लेकिन इसकी गति काफी कम रहेगी। अब पूर्वी हवाओं का असर ज्यादा पड़ेगा। समय के साथ रात के तापमान में वृद्धि होगी। एसएन सुनील पांडे ने बताया कि धुंध और प्रदूषण का असर रात में अधिक दिखाई पड़ेगा। जिसके कारण धरातल से उठने वाली गर्म हवाएं वातावरण में ही रह जाती हैं और ऊपर नहीं निकल पाती हैं। जिसके कारण तापमान में वृद्धि हो रही है।

जमानत मिली पर शर्तें सख्त, सोनम रघुवंशी की इंदौर एंट्री बैन
भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त, इंदौर के PWD अफसर पर गिरी गाज
मध्य प्रदेश को मिलेगी बड़ी सौगात, जलूद में शुरू होगा 60MW सोलर प्लांट
बंगाल चुनाव में हाई वोल्टेज टक्कर, ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी पर सबकी नजर
मां Durga की उत्पत्ति का दिव्य रहस्य, क्या कहता है Devi Bhagavata Purana