इंदौर: इंदौर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट आज पेश किया जाएगा। कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन संपत्ति कर, जल कर और हरियाली उपकर में बढ़ोतरी से आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा। जानिए पूरी जानकारी! इंदौर नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव पेश करेंगे। करीब ₹8200 करोड़ के इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है, लेकिन फिर भी आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

कहां कितना बढ़ेगा टैक्स?

संपत्ति कर में बढ़ोतरी: 500 से ज्यादा कॉलोनियों में संपत्ति कर 10% से बढ़कर 30% हो जाएगा। 2024-25 के बजट में प्रस्तावित दर क्षेत्र में बदलाव 1 अप्रैल से लागू होगा।

जल कर में बढ़ोतरी: पहले प्रस्तावित जल कर की दरें अब लागू होंगी।

हरियाली उपकर: 2% हरियाली उपकर लागू होगा, जिससे संपत्ति कर में बढ़ोतरी होगी।

बजट सम्मेलन की मुख्य बातें

तिथि: 2 दिवसीय बजट सम्मेलन (गुरुवार और शुक्रवार) स्थान: अटल बिहारी वाजपेयी परिषद हॉल प्रस्ताव: 30 प्रस्तावों पर होगी चर्चा 

बजट में प्रमुख परियोजनाएं

1. नर्मदा योजना का चौथा चरण 
2. नया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट 
3. नगर निगम का नया भवन (250 करोड़ रुपए का प्रस्तावित ऋण) 
4. मास्टर प्लान की नई सड़कों और कार्यशालाओं का निर्माण 

राजनीतिक घमासान और विरोध पर भाजपा की क्या है रणनीति

भारतीय जनता पार्टी की ओर से बजट सत्र के दौरान 30 पार्षदों को बजट पर चर्चा की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं कांग्रेस ने ड्रेनेज घोटाले को लेकर महापौर को घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस की मोर्चाबंदी कितनी कारगर साबित होगी, यह बजट सत्र के दौरान पता चलेगा। 

आम जनता पर क्या होगा असर

इंदौर नगर निगम का बजट बिना नए कर लगाए भी जनता पर भारी पड़ने वाला है। संपत्ति कर, जल कर और हरियाली सेस के कारण आर्थिक बोझ बढ़ेगा। मास्टर प्लान और विकास परियोजनाओं के नाम पर 250 करोड़ रुपए का कर्ज भी प्रस्तावित है। अब देखना यह है कि यह बजट इंदौर की जनता को राहत देगा या आर्थिक बोझ बढ़ाएगा।