राधा रमण के AI वीडियो पर मथुरा में गोस्वामी समाज का विरोध, दी चेतावनी
वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक राधा रमन मंदिर जो की काफी प्राचीन विग्रह है. मंदिर के विग्रह के साथ आज की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ की गई है. जिसमें एआई का प्रयोग करके ठाकुर राधा रमन के तरह-तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहे हैं. उस वीडियो में दिखाया गया है कि ठाकुर राधा रमन और ठाकुर राधावल्लभ किस तरह से एक दूसरे के गले मिल रहे हैं. तो वही दूसरा वीडियो ठाकुर राधा रमण लाल के पट बंद होने के बाद का बताया जा रहा है.
जिसमें कहा गया है कि भगवान जब भक्तों को दर्शन नहीं देते हैं तो वह खेलते कूदते है और नृत्य करते हैं. इन सब वीडियो को लेकर गोस्वामी समाज में आक्रोश व्याप्त है जिसमें गोस्वामी समाज ने इस कृत्य की निंदा की है. और उन्होंने चेतावनी दिए की कोई भी व्यक्ति है आगे से ऐसी गलती ना करें यदि कोई भी गलती करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई मंदिर प्रबंधक कमेटी द्वारा की जाएगी.
तीर्थ नगर वृंदावन जहां पर हजारों की संख्या में मंदिर के दर्शन करने को भक्तों को मिलते हैं वहीं कुछ मंदिर ऐसे हैं जो काफी प्राचीन है जिनका नाम लेकर ही भक्त कहते है कि हमको यहां मंदिर में जाना चाहिए. वहीं वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक प्राचीन मंदिर राधा रमन मंदिर है जो की भगवान का जो विग्रह है वह शालिग्राम शीला से प्रकट हुआ है.
वीडियो वायरल होने पर भड़के लोग
राधा रमन जिसकी काफी मानता है लेकिन अब कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके भगवान के विग्रह के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसमें कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की गई है. उस वीडियो में दिखाया गया है कि भगवान राधा रमन मंदिर बंद होने के बाद क्या करते हैं और ठाकुर राधा बल्लभ और राधा रमन का मिलन भी दिखाया गया है. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई और गोस्वामी समाज तक इसकी बात पहुंची तो गोस्वामी समाज में काफी ज्यादा आक्रोश व्याप्त था, जिसको लेकर गोस्वामी समाज ने एक लेटर भी जारी किया जिस पर आज शाम को बैठक भी होगी.
मंदिर के पुजारी ने की निंदा
लेकिन जब इस बारे में ठाकुर राधा रमन मंदिर के सेवायत पदम नाथ गोस्वामी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे जो की बहुत ही निंदनीय अपराध है. हमारे आराध्य का इस तरह से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना बिल्कुल गलत है क्योंकि एक यह एक प्राचीन विग्रह है. और आजकल की टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके ऐसी वीडियो बनाकर वायरल करना गोस्वामी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा.
वहीं उन्होंने कहा है कि अभी सिर्फ चेतावनी दी जा रही है. यदि आगे से कोई ऐसा करते दोबारा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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